BJP Leaders from other states will join the party organization in assembly elections of various states – सत्ता संग्राम: भाजपा में दूसरे राज्यों के नेता संगठन संग मिलकर काम करेंगे, Hindi News

भारतीय जनता पार्टी में बेहतर प्रबंधन के लिए चुनाव वाले राज्यों में दूसरे राज्यों के नेता प्रदेश और जिला संगठन मंत्रियों के साथ मिलकर काम करेंगे। बता दें कि स्थानीय नेताओं को नाराजगी उनके दखल पर नाराजगी थी। इसको देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने यह कदम उठाया गया है। 

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में उनके पड़ोसी राज्यों से सैकड़ों कार्यकर्ताओं व नेताओं को तैनात किया गया है जो विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार-प्रसार और प्रबंधन के काम में जुटे हैं। भाजपा में चुनाव वाले राज्यों में दूसरे राज्य के नेताओं को तैनात कर स्थानीय गुटबाजी को खत्म करने और संबंधित राज्य के नेताओं को बिना किसी अतिरिक्त दबाब के पूरी तरह चुनाव में सक्रिय करने की रणनीति अपनाई जाती रही है। हालांकि इससे स्थानीय नेताओं में नाराजगी बढ़ती है। 

न्यायपालिका में भर्ती के लिए परीक्षा हो : रविशंकर प्रसाद  

भाजपा में सबसे मजबूत संगठन मध्य प्रदेश में माना जाता है। वहां के कार्यकर्ताओं को दूसरे नेताओं का नेतृत्व व दखलंदाजी से पहले भी दिक्कत आती रही है। इस बार के चुनाव में भी वही समस्या सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार इस स्थिति से निपटने के लिए सभी स्तरों पर कहा गया है कि चुनाव प्रबंधन को लेकर जिला व प्रदेश संगठन मंत्रियों के साथ मिलकर ही सारे फैसले लिए जाएं। 

छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी इस तरह के कुछ मामले सामने आए हैं। पार्टी के चुनाव प्रबंधन से जुड़े एक प्रमुख नेता ने कहा है कि बाहरी नेताओं के चलते स्थानीय नेताओं में नाराजगी न बढ़े, इसका ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए बाहरी नेताओं को मिलकर काम करने का फैसला किया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली के पिछले विधानसभा चुनावों में इसी तरह की स्थिति बनी थी।

BJP को दलितों के स्मारकों की आलोचना के लिए माफी मांगनी चाहिए: मायावती

कई प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी 

चुनाव वाले इन तीनों राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, झारखंड, ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब के नेताओं व कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौपी गई है। इनमें कई मंत्री भी शामिल हैं। पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र का प्रदेश स्तर पर निगरानी कर रही है। प्रदेश और केंद्रीय नेताओं के दौरे और उनकी सभाओं में जुटे लोग, माहौल व प्रतिक्रिया भी सतत रुप से प्रदेशों के वार रूम में पहुंच रही है, जिसके आधार पर रणनीति बनाई जा रही है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *