All That You Wanted To Know About Princess Suriratna The Korean Queen Whose Legacy Is Being Celebrated By Adityanath – जानिए, अयोध्या की किस राजकुमारी का विवाह कोरिया के राजा से हुआ था?, UP Hindi News

अयोध्या और कोरिया का संबंध प्राचीन है। इतिहास के पन्ने बताते हैं की सन् 48 में अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्न कोरिया गई थीं। जहां राजकुमार किमसूरो से विवाह के उपरांत उनका नाम हवांग ओके हो गया। 

राजकुमारी सुरीरत्न जब जल मार्ग से कोरिया रवाना हुई तो अयोध्या से एक पत्थर ले गईं। बताते हैं कि यह पत्थर नाव को स्थिर रखने के लिए ले गई थी। यही पत्थर उनके पगोड़ा मे स्मृति चिह्न के रूप में संरक्षित है। 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के प्रोफेसर अतुल कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि चीनी कथाओं की मानें तो अयोध्या के राजा को रात में स्वप्न आया था, जिसमें उन्हें एक संदेश मिला कि राजकुमारी का विवाह कोरिया के राजकुमार किमसूरो से कराएं। 

150 साल तक जीवित रहीं
बताया जाता है कि हवांग ओके और किमसूरो 150 वर्ष तक जीवित रहे। इनकी पुत्र और पुत्रियों से दक्षिण कोरिया की आबादी का 10 फीसदी (करीब 60 लाख) जनसंख्या है। 

अटल शासन में फिर जुड़े तार 
अटल बिहारी वाजपेयी के समय में 2001 में एक मुहिम चली, जिसमें अयोध्या और दक्षिण कोरिया के पर्यटन संबंधी तथ्यों को समावेशित करते हुए विश्व क्षितिज पर उजागर करने का प्रयास किया गया। प्रोफेसर त्रिपाठी ने बताया कि भारत से ही बौद्ध धर्म कोरिया पहुंचा। अतः कोरिया और भारत का संबंध प्राचीन है।

अयोध्या में राम के नाम पर एयरपोर्ट, दशरथ के नाम पर मेडिकल कॉलेज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

www.000webhost.com