Delhi Due to the lack of dropler test in RML patient suffering for four hours – दिल्ली: RML में ड्रॉपलर टेस्ट के अभाव में चार घंटे तक तड़पता रहा मरीज, Ncr Hindi News

दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में शनिवार देर रात सड़क हादसे का एक मरीज सिर्फ इसलिए इलाज के लिए चार घंटों तक तड़पता रहा कि अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग की डॉक्टर को रात में ड्रॉपलर टेस्ट करने की अनुमति नहीं थी। मरीज के पैर से लगातार खून बहने पर ड्रॉपलर टेस्ट के जरिए पता लगाया जाता है कि उसकी किसी धमनी को कोई क्षति तो नहीं पहुंची है। 

मामला शनिवार रात 1 बजे का है। पेशे से पत्रकार का दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में बाइक से हादसा हो गया।  इसके बाद उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी में लाया गया। यहां घायल का एक्सरे करने के बाद पता चला कि उसके पैर की हड्डी अलग हो गई है। हादसा इतना भयानक था कि घायल व्यक्ति के पैर की एक हड्डी का टुकड़ा निकलकर बाहर गिर गया था। इसके बाद उसे हड्डियों के ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। वहां मौजूद एक डॉक्टर ने टांके लगाकर खून बहने से रोकने की कोशिश की लेकिन काफी प्रयास के बाद भी खून बहता रहा। इसके बाद घायल युवक को उसकी धमनी की क्षति के बारे में बता लगाने के लिए कार्डियोथोरेसिक वस्कुलर (सीटीवीएस ) विभाग भेजा गया। वहां काफी समय इंतजार करने के बाद डॉक्टर ने मरीज को प्रथम तल पर ड्रॉपलर टेस्ट करने के लिए भेज दिया। 

इस दौरान परिजन घायल मरीज को अस्पताल में एक विभाग से दूसरे विभाग में स्ट्रेचर पर ले जाते रहे। ड्रॉपलर टेस्ट के लिए रेडियोलॉजी विभाग गए तो वहां मौजूद महिला डॉक्टर ने यह कहकर मना कर दिया कि यह टेस्ट अब सोमवार को ही होगा। उन्हें रात को अपने विभागाध्यक्ष की अनुमति के बिना टेस्ट करने की अनुमति नहीं है। मरीज को फिर सीटीवीएस विभाग ले कर गए। वहां मौजूद डॉक्टर ने फिर उन्हें नीचे भेज दिया। इस तरह करीब चार घंटे तक तड़पने के बाद मरीज को राम मनोहर लोहिया से एक निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। मरीज के परिजनों का कहना है कि उन्होंने ड्रॉपलर टेस्ट के लिए डॉक्टर से काफी विनती की लेकिन उन्होंने हमारी एक न सुनी। 

आरएमएल रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉक्टर अनिल तनेजा ने कहा, हमारे यहां ड्रॉपलर टेस्ट के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं होती। इमरजेंसी में ड्रॉपलर टेस्ट किया जाना चाहिए था। अगर सीनियर रेजिडेंट ने ट्रॉपलर टेस्ट के लिए मना किया तो गलत है। हम इस मामले को देखेंगे। 

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