now vedic studies and stream can be opt in 12th cbse opt vedic studies in 2020 – तैयारीः 10वीं-12वीं में होगी हिन्दू वेद की पढ़ाई, 2020 में CBSE भी करेगी शुरू, Career Hindi News

वैदिक परंपरा को स्कूल के छात्र भी समझ पाएं, इसके लिए अब स्कूली स्तर पर वेद की पढ़ाई शुरू होगी। 10वीं के छात्र एक विषय के रूप में वेद की पढ़ाई कर पाएंगे, वहीं 12वीं के छात्र वेद संकाय के रूप में पढ़ पाएंगे।

कानून में बदलावः अब 5वीं और 8वीं में भी फेल हो सकते हैं बच्चे

12वीं में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के साथ अब वेद संकाय की पढ़ाई होगी। एनआईओएस की ओर से 2019 सत्र से इसकी शुरुआत की जाएगी। पहले चरण में यह 10वीं में शुरू किया जा रहा है। दूसरे चरण में 12वीं में इसे शुरू किया जायेगा। एनआईओएस ने 10वीं के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है। इसके सभी विषय संस्कृत भाषा व वेद से जुड़े हैं। वैदिक ज्ञान को बढ़ावा देने की यह पहल मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शुरू की है। यह अभी पूरा ऑनलाइन ही रहेगा। अगले सत्र यानी 2020 में इसे सीबीएसई भी लागू करेगा। इसके लिए पांच विषय तैयार किये गये हैं। पाठ्यक्रम में संस्कृत पर विशेष जोर होगा। भाषा के रूप में संस्कृत का ही इस्तेमाल बोलचाल में छात्र करेंगे। इसके अलावा चार विषयों में भारतीय दर्शन, वेद अध्ययन, संस्कृत व्याकरण और संस्कृत साहित्य होंगे। इनमें अष्टाध्यायी से लेकर वेद मंत्रों को भी शामिल किया गया है।

विदेशी छात्रों को भी मौका: इस कोर्स को करने की छूट देश और विदेश के छात्रों को भी रहेगी। इससे दूसरे देश में भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा को लोग जान पाएंगे। मौजूदा समय में स्कूली शिक्षा में ऐसा कोई कोर्स नहीं है। इसको लेकर देश के कई प्रमुख वेद विद्यालयों से संपर्क किया गया है। वैदिक उच्चारण करना भी इसमें सिखाया जायेगा।

UPPSC RO/ARO Main Exam: परीक्षा शेड्यूल हुआ जारी, यहां देखें

दाखिले के लिए पटना क्षेत्रीय कार्यालय से कर सकते हैं संपर्क

एनआईओएस के पटना क्षेत्रीय कार्यालय ने भी इसकी शुरुआत कर दी है। 2019 में 10वीं में नामांकन लेने वाले इस कोर्स के विषय में एनआईओएस की वेबसाइट पर जाकर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय कार्यालय में भी इसकी जानकारी को हेल्प डेस्क बनायी गयी है। पटना क्षेत्रीय कार्यालय एनआईओएस के उप निदेशक चुन्नू प्रसाद ने कहा कि, यह कोर्स काफी फायदेमंद रहेगा। छात्रों को आगे उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करेगा। स्कूल स्तर पर इसकी पढ़ाई होने से भारतीय वेद परंपरा की जानकारी छात्रों को मिल पायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

www.000webhost.com